Shiv Aarti ॐ जय शिव ओंकारा Lyrics हिंदी & English

भगवान Shiv जी की Aarti ॐ जय शिव ओंकारा Lyrics हिंदी & English: महादेव शिव शम्भू को “देवों के देव” कहा जाता है। शिव की महिमा अपार व अनंत है, हिन्दू धर्म उनका स्थान सभी देवों में श्रेष्ठ है।

महादेव मानसरोवर स्थित कैलाश पर्वत पर निवास करते हैं, उनके भक्त उन्हें महाकाल के नाम से भी बुलाते हैं। भगवान शिव का स्वभाव भोला व सरल है इसलिए उनके भक्त उन्हें प्रेम से भोलेनाथ कहते हैं।

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 सावन के महीने में ही भगवान शिव ने समुद्र मंथन से निकले विष का पान किया था और पृथ्वी भारी विपदा से बचाया था और भगवान शिव सावन में ही हुआ था इस महीने में धरती पर अवतरित होकर अपनी ससुराल गए थे और वहां उनका स्वागत अर्ध्य देकर एवं जलाभिषेक कर किया गया था। अत: माना जाता है, कि प्रत्येक वर्ष सावन माह में भगवान शिव अपनी ससुराल आते हैं। इसीलिए यह माह उन्हें प्रिय है

भारत के सभी शिवालयों में श्रावण सोमवार पर कांवरियों की हर-हर महादेव और बोल बम बोल की गूँज सुनाई देगी। श्रावण मास में शिव का पूजन बहुत फलदायी होता है व भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण होता है। इसलिए सावन मास का बहुत मह‍त्व है।

श्रावण मास में शिव जी की पूजा कैसे करें?

सुबह जल्दी उठकर, स्नान आदि से निवृत्त होकर पवित्र मन से पूजा स्थल की साफ-सफाई करें और भगवान शिव की पूजा बेलपत्र(न हो तो चल सकता है) व जलाभिषेक करें। पूजा के बाद शिव चालीसा और मंत्र जाप को बहुत उत्तम माना जाता है। सावन मास में सात्विक भोजन करना चाहिए और मांस, मदिरा से दूर रहना चाहिए।

Shiv Aarti ॐ जय शिव ओंकारा Lyrics in हिंदी

जय शिव ओंकारा, ॐ जय शिव ओंकारा ।

ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा ॥

ॐ जय शिव ओंकारा

एकानन चतुरानन पंचानन राजे ।

हंसासन गरूड़ासन वृषवाहन साजे ॥

ॐ जय शिव ओंकारा

दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज अति सोहे ।

त्रिगुण रूप निरखते त्रिभुवन जन मोहे ॥

ॐ जय शिव ओंकारा

अक्षमाला वनमाला मुण्डमाला धारी ।

त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी ॥

ॐ जय शिव ओंकारा

ॐ जय शिव ओंकारा

सुखकारी दुखहारी जगपालन कारी ॥

कर के मध्य कमंडलु चक्र त्रिशूलधारी ।

ॐ जय शिव ओंकारा

सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे ॥

श्वेतांबर पीतांबर बाघंबर अंगे ।

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका ।

प्रणवाक्षर में शोभित ये तीनों एका ॥

ॐ जय शिव ओंकारा

लक्ष्मी व सावित्री पार्वती संगा ।

पार्वती अर्द्धांगी, शिवलहरी गंगा ॥

ॐ जय शिव ओंकारा

त्रिगुणस्वामी जी की आरती जो कोइ नर गावे ।

कहत शिवानंद स्वामी सुख संपति पावे ॥

ॐ जय शिव ओंकारा !

Shiv Aarti Om Jai Shiv Omkara Lyrics English

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Om Jai Shiv Omkara, Swami Jai Shiv Omkara।

Brahma Vishnu Sadashiv, Ardhangi Dhara॥

Om Jai Shiv Omkara॥

Ekanan Chaturanan Panchanan Raje।

Hansasan Garudasan Vrishvahan Saje॥

Om Jai Shiv Omkara॥

Do Bhuj Chaar Chaturbhuj Dashbhuj Ati Sohe।

Trigun Roop Nirakhate Tribhuvan Jan Mohe॥

Om Jai Shiv Omkara॥

Akshmala Vanmala Mundmala Dhari।

Tripurari Kansari Kar Mala Dhari॥

Om Jai Shiv Omkara॥

Shvetambar Peetambar Baghambar Ange।

Sankadik Garunadik Bhootadik Sange॥

Om Jai Shiv Omkara॥

Kar Ke Madhya Kamandalu Chakra Trishuldhari।

Sukhkari Dukhhari Jagpalan Kari॥

Om Jai Shiv Omkara॥

Brahma Vishnu Sadashiv Janat Aviveka।

Pranavakshar Ke Madhye Yeh Teeno Eka॥

Om Jai Shiv Omkara॥

Kashi Mein Vishwanath Viraje Nandi Brahmachari।

Nit Uth Darshan Paavae, Mahima Ati Bhaari॥

Om Jai Shiv Omkara॥

TrigunswamiJi Ki Aarti, Jo Koi Nar Gaave।

Kahat Shivanand Swami, Manvanchit Phal Paave॥

Om Jai Shiv Omkara॥

Om Jai Shiv Omkara, Swami Jai Shiv Omkara।

Brahma Vishnu Sadashiv, Ardhangi Dhara॥

Om Jai Shiv Omkara !

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शिव के चार धाम: गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ।

शिव के 19 अवतार: शरभ, पिप्पलद, भैरव, नंदीश्वर, अश्वधामा, वीरभद्र, गृहपति, ऋषि दुर्वासा, हनुमान, वृषभ, यतिनाथ, कृष्णदर्शन, अवधूत, क्षिभुवर्य, किरात, सुनटनर्तक, ब्रह्मचारी, अर्धनारीश्वर, सुरेश्वर।

शिव के प्रचलित नाम: महाकाल, आदिदेव, किरात, शंकर, चन्द्रशेखर, जटाधारी, नागनाथ, मृत्युंजय, त्रयम्बक, महेश, विश्वेश, महारुद्र, विषधर, नीलकण्ठ, महाशिव, उमापति, काल भैरव, भूतनाथ, ईवान्यन, शशिभूषण।

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