Lali semar ful ge suwa geet lyrics |Champa Nishad

Lali semar ful ge suwa geet lyrics:- ये सुवा गीत गायिका चंपा निषाद हा गाये हे बहुत ही सुन्दर और मनमोहक आवाज में गीत ला चम्पा निषाद है गए हे , ये गीत के बोली हरे “लाली सेमर फूल गे ” बहुत सुन्दर सुवा गीत हे।

Lali semar ful ge suwa geet lyrics

गीत लाली सेमर फूल गे
स्वर चम्पा निषाद
कलाकार पायल साहू
संगीत विवेक शर्मा
रिकॉर्डिंग सरगम डिज़िटल रिकॉर्डिंग स्टूडियो रायपुर

Lali semar ful ge suwa geet lyrics

Lali semar ful ge suwa geet lyrics
Lali semar ful ge suwa geet lyrics

ʟᴀʟɪ sᴇᴍᴀʀ ғᴜʟ ɢᴇ sᴜᴡᴀ ɢᴇᴇᴛ ʟʏʀɪᴄs

तरी हरी नाना मोर नाना री नाना वो

चइते मा लाली सेमर फूल गे

तरी हरी नाना मोर नाना री नाना वो

चइते मा लाली सेमर फूल गे

तरी हरी नाना मोर नाना री नाना वो

चइते मा लाली सेमर फूल गे

तरी हरी नाना मोर नाना री नाना वो

चइते मा लाली सेमर फूल गे

येदे फूल गे चिरईया फूल

घम घम ले लाली सेमर फूल गे

येदे फूल गे चिरईया फूल

घम घम ले लाली सेमर फूल गे

येदे फूल गे चिरईया फूल

घम घम ले लाली सेमर फूल गे

येदे फूल गे चिरईया फूल

घम घम ले लाली सेमर फूल गे

काउने महीना मा केकती हा फुले वो

काउने महीना केवरा फुले

काउने महीना मा केकती हा फुले वो

काउने महीना केवरा फुले

सावन महीना मा केकती हा फुले वो

भादो महीना केवरा फुले

सावन महीना मा केकती हा फुले वो

भादो महीना केवरा फुले

येदे फूल गे चिरईया फूल

घम घम ले लाली सेमर फूल गे

येदे फूल गे चिरईया फूल

घम घम ले लाली सेमर फूल गे

येदे फूल गे चिरईया फूल

घम घम ले लाली सेमर फूल गे

येदे फूल गे चिरईया फूल

घम घम ले लाली सेमर फूल गे

काउने महीना म गोंदा हा फुले वो

काउने महीना मोंगरा फुले

काउने महीना म गोंदा हा फुले वो

काउने महीना मोंगरा फुले

सावन महीना माँ गोंदा हा फुले वो

भादो महीना मोंगरा फुले

सावन महीना माँ गोंदा हा फुले वो

भादो महीना मोंगरा फुले

येदे फूल गे चिरईया फूल

घम घम ले लाली सेमर फूल गे

येदे फूल गे चिरईया फूल

घम घम ले लाली सेमर फूल गे

येदे फूल गे चिरईया फूल

घम घम ले लाली सेमर फूल गे

येदे फूल गे चिरईया फूल

घम घम ले लाली सेमर फूल गे

कहवा लगइबे तै केकती अउ केवरा ला

कहवा बनइबे तुलसी चउरा

कहवा लगइबे तै केकती अउ केवरा ला

कहवा बनइबे तुलसी चउरा

हा बारी लगइबो हम केकती अउ केवरा ला

दुआरे बनइबो तुलसी चउरा

बारी लगइबो हम केकती अउ केवरा ला

दुआरे बनइबो तुलसी चउरा

येदे फूल गे चिरईया फूल

घम घम ले लाली सेमर फूल गे

येदे फूल गे चिरईया फूल

घम घम ले लाली सेमर फूल गे

येदे फूल गे चिरईया फूल

घम घम ले लाली सेमर फूल गे

येदे फूल गे चिरईया फूल

घम घम ले लाली सेमर फूल गे

हा…तरी हरी नाना मोर नाना री नाना वो

चइते मा लाली सेमर फूल गे

तरी हरी नाना मोर नाना री नाना वो

चइते मा लाली सेमर फूल गे

येदे फूल गे चिरईया फूल

घम घम ले लाली सेमर फूल गे

येदे फूल गे चिरईया फूल

घम घम ले लाली सेमर फूल गे

येदे फूल गे चिरईया फूल

घम घम ले लाली सेमर फूल गे

येदे फूल गे चिरईया फूल

घम घम ले लाली सेमर फूल गे

येदे फूल गे चिरईया फूल

घम घम ले लाली सेमर फूल गे

सुआ गीत छत्तीसगढ़ राज्य के गोंड स्त्रियों का नृत्य गीत है। यह दीपावली के पर्व पर महिलाओं द्वारा गाया जाने वाला गीत है । सुआ का अर्थ होता है ‘तोता‘।

सुआ एक पक्षी होता है जो रटी-रटायी बातों को बोलता/दोहराता है। इस लोकगीत में स्त्रियां तोते के माध्यम से संदेश देते हुए गीत गाती हैं। इस गीत के जरिए स्त्रियां अपने मन की बात बताती हैं, इस विश्वास के साथ कि वह (सुवा) व्यथा उनके प्रिय तक पहुँचायेगा।

इसलिए इसको कभी-कभी वियोग गीत भी कहा जाता है। धान की कटाई के समय इस लोकगीत को बड़ी उत्साह के साथ गाया जाता है । इसमे शिव-पार्वती (गौरा-गौरी) का विवाह मनाया जाता है। मिट्टी के गौरा-गौरी बनाकर उसके चारो ओर घुमकर सुवा गीत गाकर सुवा नृत्य करते हैं।

कुछ जगहों पर मिट्टी के सुवा (तोते ) बनाकर यह गीत गाया जाता है। यह दिपाली के कुछ दिन पूर्व आरम्भ होकर दिवाली के दिन शिव-पार्वती (गौरा-गौरी) के विवाह के साथ समाप्त होता है। यह शृंगार प्रधान गीत है। सालों से गाया जा रहा यह गीत मौखिक है । सुआ गीत में महिलाएं बाँस की टोकनी मे भरे धान के ऊपर सुआ अर्थात तोते कि प्रतिमा रख देती हैं और उनके चारो ओर वृत्ताकार स्थिति मे नाचती गाती हैं।

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