Arpa pairi ke dhar (अरपा पैरी के धार) lyrics

Arpa pairi ke dhar lyrics “अरपा पैरी के धार” यह रचना को नरेंद्र देव वर्मा जी बड़े ही सूझबूझ और शानदार तरीके से अपनी मन की अभिलाषा को मां छत्तीसगढ़, मां धरती को समर्पित किए हैं.Arpa pairi ke dhar lyrics इस रचना को अपने मधुर स्वर से ममता चंद्राकर जी ने इस रचना को चार चांद लगा दिए.

Arpa pairi ke dhar lyrics

स्वयं 

 अरपा पैरी के धार….

 महानदी हे अपार…..

 इंद्रावती ह, पखारय तोर  पईयां ….. 

 महू पांवे परव  तोरे भुइया.. 

 जय हो जय हो… छत्तीसगढ़ मईयां… 

साथी  गण 

अरपा पैरी के धार, 

महानदी हे अपार.

इंद्रावती ह, पखारय तोर  पईयां  

महू पांवे परव  तोरे भुइया… 

य हो जय हो… छत्तीसगढ़ मईयां… 

य हो जय हो… छत्तीसगढ़ मईयां….. 

स्वयं 

सोहय  बिंदिया सही… 

घाट डोंडरी पहाड़.. 

साथी गण 

सोहय  बिंदिया सही… 

घाट डोंडरी पहाड़.. 

स्वयं 

 चंदा सुरुज बने तोर नैना….. 

साथी गण 

चंदा सुरुज बने तोर नैना….. 

स्वयं 

सुनहा धान के अंग, लुगरा हरियर हे रंग 

साथी गण 

सुनहा धान के अंग, लुगरा हरियर हे रंग 

स्वयं 

तोर बोली हावय.. सुग्घर मैंना… 

अचरा तोर डुलावै, पुरवाहिया…. 

महू पावे परव तोरे भुईयां…… 

जय हो जय छत्तीसगढ़ मईया….

साथी 

जय हो जय हो छत्तीसगढ़ मईया…..

जय हो जय हो छत्तीसगढ़ मईया…..

Ho………. ho………aa……..a…….

स्वयं 

रायगढ़ हावय सुघर….तोरे मौर मुकुट….. 

साथी 

रायगढ़ हावय सुघर….तोरे मौर मुकुट….. 

स्वयं 

सरगुजा अउ बिलासपुर हे  बइहा…. 

साथी 

सरगुजा अउ बिलासपुर हे  बइहा…. 

स्वयं 

रयपुर कनिहा सही, घात सुग्घर फभय… 

साथी 

रयपुर कनिहा सही, घात सुग्घर फभय… 

 स्वयं 

दुरुग बस्तर बनय पैजनिया….. 

नांदगांव  नवा करधनिया…… 

महू पावै परव तोरे भुईया… 

जय हो जय हो छत्तीसगढ़ मईया…. 

साथी 

जय हो जय हो छत्तीसगढ़ मईया…. 

जय हो जय हो छत्तीसगढ़ मईया…. 

स्वयं 

अरपा पैरी के धार….

 महानदी हे अपार…..

 इंद्रावती ह, पखारय तोर  पईयां ….. 

जय हो जय हो छत्तीसगढ़ मईया…. 

जय हो जय हो……… छत्तीसगढ़ मईया…. 

साथी 

जय हो जय हो छत्तीसगढ़ मईया…. 

जय हो जय हो छत्तीसगढ़ मईया…. 

जय हो जय हो छत्तीसगढ़ मईया…. 

++++++++++++++++++

Arpa pairi ke dhar, lyrics

Self

Arpa pairi ke dhar…. 

Mahanadi he apaar…

Indrawati ha pakhare tore paiyya..

Mahu paway paraw tore 

bhuiyyan..

Jai ho jai ho.. chattisagarh 

maiyyan…s 

Other 

Arpa pairi ke dhar…. 

Mahanadi he apaar…

Indrawati ha pakhare tore paiyya..

Mahu paway paraw tore bhuiyyan..

Jai ho jai ho.. chattisagarh 

maiyyan… 

Self

Sohay bindiya sahi…

Ghat dongri pahad…

Other

Sohay bindiya sahi…

Ghat dongri pahad…

Self 

Chanda suruj bne naina… 

Other

Chanda suruj bne naina… 

Self 

Sunha dhan ke rang, lugra hariyar 

he rang..

Other

Sunha dhan ke rang, lugra hariyar 

he rang..

Self

Tore boli haway, sugghar maina.. 

Achra tor dalawai.. purwahiya…

Mahu paway paraw tore 

bhuiyyan..

Jai ho jai ho.. chattisagarh 

maiyyan…

Other

Jai ho jai ho.. chattisagarh 

maiyyan…

Jai ho jai ho.. chattisagarh 

maiyyan…

Ho……..ho………aa………..a…….

Self

Raigarh haway sugghar…tore maur mukut…..

Other

Raigarh haway sugghar…tore maur mukut…..

Self

Sarguja au bilaspur he baiha…. 

Other

Sarguja au bilaspur he baiha…. 

Self

Raipur kaniha sahi..ghat sugghar  

fabhay…….

Other

Raipur kaniha sahi..ghat sugghar  

fabhay…….

Self 

Durug bastar banay paijaniya..

Naandgao nwa kardhaniya……

Mahu paway paraw tore 

bhuiyyan..

Jai ho jai ho.. chattisagarh 

maiyyan…

Other

Jai ho jai ho.. chattisagarh 

maiyyan…

Jai ho jai ho.. chattisagarh 

maiyyan…Self

Arpa pairi ke dhar…. 

Mahanadi he apaar…

Indrawati ha pakhare tore paiyya..

Mahu paway paraw tore 

bhuiyyan..

Jai ho jai ho.. chattisagarh 

maiyyan…s 

Other

Jai ho jai ho.. chattisagarh 

maiyyan…

Jai ho jai ho.. chattisagarh 

maiyyan…

Jai ho jai ho.. chattisagarh 

maiyyan…

*************************************

Arpa pairi ke dhar, lyrics

Singer    –   mamta chandrakar

Album   –  arpa pairi ke dhar 

Writer  – Narendra dew warma 

 Arpa pairi ke dhar, lyrics कुछ शब्दों का हिंदी अनुवाद:-

पखारव             –       चरण धोना 

सहाय               –         जांचना 

मौर                  –      मयूर 

पैजनिया           –       पायल 

भुईया              –      भूमि 

करधनिया         –      करधन 

कनिहा             –      कमर 

 फभय             –      जचना 

सारांश:-

 Arpa pairi ke dhar lyrics “अरपा पैरी के धार” यह रचना को नरेंद्र देव वर्मा जी बड़े ही सूझबूझ और शानदार तरीके से अपनी मन की अभिलाषा को मां छत्तीसगढ़, मां धरती को समर्पित किए हैं. इस रचना को अपने मधुर स्वर से ममता चंद्राकर जी ने इस रचना को चार चांद लगा दिए.

 अरपा नदी और पैरी नदी, इन दोनों नदियों के संगम से महानदी का उद्गम हुआ है, जो बहुत ही अच्छा मनोरम दृश्य है, महानदी को छत्तीसगढ़ का गंगा का जाता है, यह नदी यहां की जीवनदायिनी नदी है, नदियों का गुणगान श्री वर्मा जी किए हैं. छत्तीसगढ़ में इस नदी की कुल लंबाई 858 km  हैँ  महानदी छत्तीसगढ़ में 286 km बस है इसका बाकी का भाग ओडिशा में स्थित है जो बंगाल की खाड़ी में जाकर समाप्त हो जाती है. Arpa pairi ke dhar lyrics

Leave a Comment